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खुद से खुद का सफर
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Unknown (Publisher)
Published on 1. September 2024
Book
58 pages
978-93-6330-303-4 (ISBN)
Description
"" इस कविता संग्रह प्रकाशित करने का मकसद है प्यार मैं खुद को खोकर, खुद को पाना । ये मेरा जीवन का सफर है जिसमे हम प्यार को पाने मे खुद को पूराखो देते है,फिर होता है कुछ ऐसा कि हम उस प्यार को भी खो देते है। ये एहसास बहुत अलग होता है। हमें उस प्यार मे खुदा मिल जाता है । हम उसकी ईबादत करने लगते है फिर वो खुदा असलियत से वाकिफ करा देता है। फिर होता है ऐ कि हम खुद को भी नहीं मिल पाते है और खुद से मिलने के लिए हमको खुद को खुदा करना पडता है।फिर हम खुद को मिल जाते है। बस यही है सफर प्यार का । मनप्रीत कौर""
More details
Language
Other
Place of publication
India
Product notice
Paperback (trade)
Unsewn / adhesive bound
Dimensions
Height: 203 mm
Width: 127 mm
Thickness: 3 mm
Weight
68 gr
ISBN-13
978-93-6330-303-4 (9789363303034)
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Schweitzer Classification
Person
मै मनप्रीत कौर हुं।मैने कविता लिखना बहुत ही बचपन से शुरू कर दिया था।मेरी पहली कविता से ही मुझे पहचान मिल गई। ये हुनर मुझ पर ईश्वर का करिश्मा है। मै अपने भावो को बङी आसान तरीके से शब्दो मे पिरोकर रख सकती हुं।